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डीजीपी राजीव कृष्णा का फरमान,शाम छह बजे के बाद सड़को पर गस्त करे पुलिस के जवान

सायरन बजाकर सड़कों पर उतरेगी पुलिस,त्योहारों पर सुरक्षा का अभेद्य कवच तैयार कर रहे डीजीपी राजीव कृष्ण

  • बाजारों में अफसरों की फुट पेट्रोलिंग से लेकर पटाखों की दुकानों की जांच तक सख्त निगरानी
  • यूपी-112 की गाड़ियां सायरन बजाकर देंगी सुरक्षा का संदेश अपराधियों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी

उत्तर प्रदेश में त्योहारों का मौसम शुरू होते ही कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज और छठ जैसे प्रमुख पर्वों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने व्यापक सुरक्षा रणनीति तैयार की है। उनकी रणनीति का मूल मंत्र स्पष्ट है कि पुलिस केवल किसी घटना के बाद सक्रिय न हो, बल्कि अपनी मौजूदगी, सतर्कता और प्रभावी निगरानी से घटना होने की आशंका को ही समाप्त करने का प्रयास करे।
डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देशों से स्पष्ट है कि इस बार त्योहारों के दौरान यूपी पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आम नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा दिलाने और बाजारों में सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर रहेगा।

शाम छह बजे के बाद सायरन से गूंजेंगी सड़कें, सुरक्षा का एहसास कराएगी पुलिस

त्योहारों के दौरान शाम के समय बाजारों में सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ती है। खरीदारी, यातायात और सार्वजनिक गतिविधियों में तेजी के बीच छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी समस्या बन सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए डीजीपी ने शाम छह बजे के बाद यूपी-112 की गाड़ियों को निर्धारित अंतराल पर सायरन बजाकर गश्त करने के निर्देश दिए हैं।
इसका उद्देश्य केवल अपराधियों को सतर्क करना नहीं, बल्कि आम नागरिकों के मन में यह विश्वास पैदा करना भी है कि पुलिस हर समय उनकी सुरक्षा के लिए मुस्तैद है।

इस व्यवस्था के प्रमुख उद्देश्य हैं:

– भीड़भाड़ वाले बाजारों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी बढ़ाना।
– संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल नजर रखना।
– महिलाओं, बुजुर्गों और परिवारों को सुरक्षित वातावरण देना।
– चोरी, छिनैती और अन्य आपराधिक घटनाओं की आशंका कम करना।
– आपात स्थिति में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना।

डीजीपी का स्पष्ट संदेश: कुर्सियों पर नहीं, सड़कों पर दिखें अधिकारी

राजीव कृष्ण की कार्यशैली का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि उन्होंने त्योहारों की सुरक्षा को केवल थानों और कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी नहीं माना है। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों को स्वयं बाजारों में निकलकर फुट पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए हैं।
इस दौरान अधिकारियों को दुकानदारों, व्यापारियों और आम नागरिकों से सीधे संवाद करना होगा। उनकी समस्याएं सुननी होंगी और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा से जुड़ी कमियों की पहचान करनी होगी।
यह व्यवस्था पुलिस और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जब अधिकारी खुद बाजार में पहुंचते हैं तो आम लोगों को अपनी बात कहने का अवसर मिलता है और पुलिस को भी जमीनी परिस्थितियों का वास्तविक आकलन करने में मदद मिलती है।

पटाखों की दुकानों पर सख्ती, सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं

दीपावली खुशियों और रोशनी का त्योहार है, लेकिन पटाखों के कारण होने वाली दुर्घटनाएं कई बार खुशियों को मातम में बदल देती हैं। इसी खतरे को देखते हुए डीजीपी ने अस्थायी पटाखा दुकानों और उनके भंडारण स्थलों की सघन जांच के निर्देश दिए हैं।
निर्देशों के अनुसार पटाखों की दुकानें मुख्य बाजार से अलग खुले और सुरक्षित स्थानों पर लगाई जानी चाहिए। इसके लिए अस्थायी लाइसेंस अनिवार्य होगा। दुकानों पर पानी, रेत और अग्निशमन यंत्र जैसे जरूरी सुरक्षा संसाधन उपलब्ध होने चाहिए।
पिछले पांच वर्षों में पटाखों से हुई दुर्घटनाओं और जनहानि को ध्यान में रखते हुए विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया है।

दीपावली से छठ तक फायर ब्रिगेड अलर्ट, संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर

त्योहारों के दौरान आग लगने की घटनाओं की आशंका को देखते हुए अग्निशमन विभाग को भी दीपावली से छठ पर्व तक अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर दमकल संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
इस व्यवस्था से स्पष्ट है कि पुलिस प्रशासन केवल अपराध नियंत्रण ही नहीं, बल्कि दुर्घटनाओं की रोकथाम और आपदा प्रबंधन को भी अपनी प्राथमिकता में शामिल कर रहा है।

अपराधियों की गिरफ्तारी ही नहीं, पूरे नेटवर्क पर होगा प्रहार 

डीजीपी राजीव कृष्ण की सुरक्षा रणनीति का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष संगठित अपराध के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई है। अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी गिरोह का खुलासा होने के बाद पुलिस की कार्रवाई केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
गिरोह के आर्थिक स्रोत, दूसरे जिलों में उसके संपर्क, अवैध असलहों की सप्लाई और मादक पदार्थों की तस्करी के पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जाए।
इसके लिए एसटीएफ और विभिन्न जिलों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय बनाकर संयुक्त अभियान चलाने पर जोर दिया गया है।
इस रणनीति का उद्देश्य अपराध की जड़ तक पहुंचना है। क्योंकि केवल अपराधियों को गिरफ्तार कर लेना पर्याप्त नहीं होता, जब तक उनके नेटवर्क, मददगारों और सप्लाई चेन को भी ध्वस्त न किया जाए।

राजीव कृष्ण की पुलिसिंग में दिख रहा सक्रिय और जवाबदेह प्रशासन का संदेश

डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देशों में पुलिसिंग के कई महत्वपूर्ण पहलू एक साथ दिखाई देते हैं। एक तरफ बाजारों में फुट पेट्रोलिंग और यूपी-112 की सक्रिय गश्त है, तो दूसरी तरफ पटाखों की दुकानों की जांच, अग्निशमन व्यवस्था और संगठित अपराध के नेटवर्क पर कार्रवाई की रणनीति है।
यह समन्वित दृष्टिकोण बताता है कि त्योहारों की सुरक्षा केवल पुलिस बल की संख्या बढ़ाने से सुनिश्चित नहीं होती, बल्कि इसके लिए बेहतर योजना, स्थानीय परिस्थितियों की समझ, विभागों के बीच तालमेल और समयबद्ध कार्रवाई जरूरी होती है।

जनता का भरोसा, पुलिस की सबसे बड़ी ताकत

त्योहारों का वास्तविक आनंद तभी है, जब लोग बिना किसी डर के अपने परिवार के साथ खरीदारी कर सकें, धार्मिक आयोजनों में शामिल हो सकें और सुरक्षित वातावरण में पर्व मना सकें। डीजीपी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि आम लोगों की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
राजीव कृष्ण के निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन जिलों में पुलिस की सक्रियता और जवाबदेही को मजबूत कर सकता है। खास बात यह है कि इस पूरी रणनीति में पुलिस की मौजूदगी के साथ जनसंवाद, दुर्घटना रोकथाम और संगठित अपराध के विरुद्ध कार्रवाई को भी बराबर महत्व दिया गया है।
संदेश साफ है—त्योहारों में खुशियां जनता की होंगी, लेकिन उन खुशियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी यूपी पुलिस पूरी मुस्तैदी से निभाएगी। डीजीपी राजीव कृष्ण के नेतृत्व में पुलिस का लक्ष्य केवल घटनाओं पर नियंत्रण करना नहीं, बल्कि ऐसा सुरक्षित वातावरण तैयार करना है जिसमें प्रदेश का हर नागरिक निश्चिंत होकर त्योहार मना सके।

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