NewsBallia बलियाई-पेपर

परिवहन मंत्री दयाशंकर ने कहा पत्रकारिता लोकतंत्र की आत्मा,कलमकारों के दमन से हो जाएगा इसका खात्मा

पत्रकारिता लोकतंत्र की आत्मा भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के शपथ ग्रहण समारोह में जवाबदेही, न्याय और समरसता का संकल्प

  • लोकतंत्र की आत्मा के रूप में पत्रकारिता
  • दयाशंकर सिंह का संदेश न्याय और पारदर्शिता
  • लोकतंत्र के चारों स्तंभों पर संकट
  • ऐतिहासिक विरासत और पत्रकारों का योगदान
  • संगठनात्मक एकता और शपथ ग्रहण
  • नए पदाधिकारियों को जिम्मेदारी
  • समाज में पत्रकारों की भूमिका का सम्मान
  • चुनौतियों के बीच समर्पित पत्रकारिता

बलिया। भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के शपथ ग्रहण समारोह ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि पत्रकारिता सिर्फ खबरों का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और लोकतंत्र की दिशा तय करने वाली एक मजबूत शक्ति है। जिला पंचायत के आचार्य नरेंद्र देव सभागार में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने पत्रकारिता की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि पत्रकार हमेशा समाज के हर वर्ग को न्याय दिलाने का प्रयास करता है और यही लोकतंत्र की मजबूती का आधार है। अपने संबोधन में दयाशंकर सिंह ने स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र के चारों स्तंभ आज कहीं न कहीं गिरावट से प्रभावित हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद पत्रकारिता पर जनता का भरोसा कायम है। उन्होंने कहा कि कानून का राज स्थापित करने, विकास में पारदर्शिता बनाए रखने और वंचितों को न्याय दिलाने में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह संदेश न केवल पत्रकारों के लिए प्रेरणादायक था, बल्कि लोकतंत्र के मूल मूल्यों की पुनः पुष्टि भी करता है। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और ‘लोक सम्मान’ मासिक पत्रिका के प्रधान संपादक धर्मेंद्र सिंह ने पत्रकारिता के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए महान स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार बाल गंगाधर तिलक के प्रति सम्मान की कमी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि देश को आज़ादी दिलाने में पत्रकारों की अहम भूमिका रही है, लेकिन उन्हें वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। कार्यक्रम में भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष मधुसूदन सिंह के नेतृत्व में जिले की नई कार्यकारिणी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। जिलाध्यक्ष नजरुल बारी समेत सभी पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत बनाने और पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम करने का संकल्प लिया। समारोह में नए पदाधिकारियों का चयन और शपथ ग्रहण हुआ, बल्कि कई वरिष्ठ पत्रकारों और समाजसेवियों को सम्मानित भी किया गया। यह कार्यक्रम पत्रकारिता के मूल्यों सत्य, निष्पक्षता और सामाजिक न्याय को पुनः स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ। बलिया जैसे ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से जागरूक जिले में इस तरह का आयोजन यह दर्शाता है कि पत्रकारिता की जड़ें आज भी समाज में गहराई से जुड़ी हुई हैं। यहां पत्रकार सिर्फ खबरें नहीं लिखते, बल्कि समाज की आवाज बनकर उसकी दिशा भी तय करते हैं।

लोकतंत्र और पत्रकारिता का अटूट संबंध

भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के शपथ ग्रहण समारोह ने न केवल संगठनात्मक एकता का संदेश दिया, बल्कि लोकतंत्र में पत्रकारिता की केंद्रीय भूमिका को भी मजबूती से स्थापित किया। जिला पंचायत के आचार्य नरेंद्र देव सभागार में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ पत्रकारों, समाजसेवियों और बुद्धिजीवियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिसने इसे एक विचार-मंथन और संकल्प का मंच बना दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दयाशंकर सिंह ने अपने संबोधन में पत्रकारिता को लोकतंत्र की आत्मा बताते हुए कहा कि पत्रकार केवल खबरों के वाहक नहीं, बल्कि समाज के प्रहरी हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना है। जब अन्य संस्थाएं अपने दायित्वों में कमजोर पड़ती हैं, तब पत्रकारिता ही वह ताकत बनती है जो सच्चाई को उजागर कर व्यवस्था को आईना दिखाती है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वर्तमान समय में लोकतंत्र के चारों स्तंभ विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और मीडिया कहीं न कहीं चुनौतियों से जूझ रहे हैं। बावजूद इसके, पत्रकारिता पर जनता का भरोसा आज भी कायम है। यह भरोसा पत्रकारों की ईमानदारी, निष्पक्षता और साहस पर टिका है, जिसे बनाए रखना आज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

संगठनात्मक मजबूती का संकल्प

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि और ‘लोक सम्मान’ मासिक पत्रिका के प्रधान संपादक धर्मेंद्र सिंह ने पत्रकारिता के ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में पत्रकारों की भूमिका अतुलनीय रही है। उन्होंने बाल गंगाधर तिलक का उदाहरण देते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई में कलम ने तलवार से अधिक प्रभाव डाला, लेकिन ऐसे महान पत्रकारों को वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे वास्तविक हकदार थे। कहा कि सच्चाई को सामने लाने वाले पत्रकारों को हमेशा चुनौतियों और दबावों का सामना करना पड़ता है, लेकिन यही उनकी असली पहचान और ताकत है। समारोह में संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष मधुसूदन सिंह के नेतृत्व में जिला इकाई की नई कार्यकारिणी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष नजरुल बारी समेत सभी पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत करने, पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया।

नए पदाधिकारियों का सम्मान और जिम्मेदारी

समारोह में कई पत्रकारों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। सुशील कुमार मुन्ना ठाकुर को प्रांतीय उपाध्यक्ष, बसंत सिन्हा को प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य, कंचन सिंह को महिला मोर्चा प्रदेश प्रभारी का प्रभार सौंपा। सभी पदाधिकारियों को दयाशंकर सिंह द्वारा अंगवस्त्र और माला पहनाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कई नए पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं, जिनमें सुशील कुमार मुन्ना ठाकुर को प्रांतीय उपाध्यक्ष, बसंत सिन्हा को प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य और कंचन सिंह को महिला मोर्चा प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया। सभी को मुख्य अतिथि द्वारा अंगवस्त्र और माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया, जो उनके प्रति विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक था। कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू वरिष्ठ पत्रकारों और समाजसेवियों का सम्मान रहा। आसिफ जैदी, अजय सिंह, असगर अली, पीडी सिंह, अमित सोनी और संजय तिवारी सहित कई वरिष्ठ पत्रकारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनके योगदान की सराहना थी, बल्कि युवा पत्रकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बना।

पत्रकारों का सम्मान प्रेरणा का स्रोत

कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनके कार्यों की सराहना था, बल्कि युवा पत्रकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बना। मुख्य अतिथि धर्मेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में बाल गंगाधर तिलक के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्हें पत्रकार के रूप में वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे। उन्होंने देवर्षि नारद का उदाहरण देते हुए कहा कि सच्चाई सामने लाने वाले पत्रकारों को हमेशा चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन यही उनकी सबसे बड़ी ताकत भी होती है।समारोह के दौरान पत्रकारों की वर्तमान स्थिति पर भी गंभीर चर्चा हुई।

पत्रकारिता संघर्ष और समर्पण

कार्यक्रम में यह भी चर्चा हुई कि आज भी पत्रकार बहुत कम वेतन पर काम करते हैं और उन्हें अपेक्षित सम्मान नहीं मिल पाता। इसके बावजूद वे समाज के लिए लगातार काम करते रहते हैं। यह पत्रकारों के समर्पण और जिम्मेदारी का सबसे बड़ा उदाहरण है। समारोह का मुख्य उद्देश्य केवल शपथ ग्रहण नहीं था, बल्कि समाज में समरसता स्थापित करने और पत्रकारिता के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लेना भी था।
मधुसूदन सिंह ने कहा कि संगठन का उद्देश्य समाज को जोड़ना और पत्रकारों को एक मंच पर लाना है, ताकि वे मिलकर समाज के विकास में योगदान दे सकें। बलिया में आयोजित यह शपथ ग्रहण समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह पत्रकारिता के मूल्यों सत्य, न्याय और निष्पक्षता की पुनः स्थापना का एक सशक्त प्रयास था। दयाशंकर सिंह के शब्दों में पत्रकारिता ही वह शक्ति है, जो समाज को सही दिशा दिखाती है। इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि चाहे चुनौतियां कितनी भी बड़ी क्यों न हों, पत्रकारिता आज भी लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी बनी हुई है।

* पत्रकारिता केवल सूचना नहीं, दिशा देने वाली शक्ति
* समाज के हर वर्ग की आवाज उठाने का माध्यम
* लोकतंत्र को जीवंत बनाए रखने में अहम भूमिका
* हर वर्ग को न्याय दिलाना पत्रकारों का दायित्व
* कानून का राज और विकास में पारदर्शिता पर जोर
* पत्रकारिता को लोकतंत्र की मजबूती का आधार बताया
* विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और मीडिया प्रभावित
* गिरावट के बावजूद मीडिया पर जनता का भरोसा कायम
* स्वतंत्रता आंदोलन में पत्रकारों की निर्णायक भूमिका
* योगदान के अनुपात में सम्मान की कमी पर सवाल
* मधुसूदन सिंह के नेतृत्व में नई कार्यकारिणी का गठन
* नजरुल बारी के नेतृत्व में जिला इकाई सक्रिय
* संगठन को मजबूत बनाने और अधिकारों की रक्षा का संकल्प
* संगठनात्मक विस्तार और सक्रियता का संकेत
* कम वेतन और संसाधनों के बावजूद कार्य निष्पक्षता और सत्य के प्रति प्रतिबद्धता

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button