सुभासपा की महिला नेता रानी चौबे के कुकर्म,नही आती इस घिनौनी महिला को शर्म

♦रानी जिला जेल में अपराधियों से मिलने जाती रही,मुलाकात पर्ची की जांच से हो जाएगा प्रमाणित
♦सारनाथ थाना के बुद्ध सिटी कालोनी में राधा रानी गेस्टहाउस में देह व्यापार का चलाती है धंधा,
♦रानी चौबे के कथित गलत कामो की निष्पक्ष जांच कब तक होगी।
♦जिला प्रशासन को इसकी एलआईयू रिपोर्ट मंगवाकर करना चाहिए बेनकाब, ऐसी महिलाएं पूरे समाज मे गन्ध फैलाती है
♦सुभासपा से जुड़ाव का दावा, जेल में मुलाकातों की चर्चा और जुआ अड्डों से कथित वसूली के आरोप— पुलिस प्रशासन से उठे सवाल


राजनीतिक पहचान के दावे की हो जांच
वाराणसी में रानी चौबे नाम की महिला को लेकर कई गंभीर आरोप सामने आने का दावा किया जा रहा है। बताया जाता है कि वह खुद को सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) की नेता बताती हैं और बिहार की रहने वाली हैं। ऐसे में सबसे पहला सवाल यही है कि उनकी राजनीतिक पहचान क्या है? क्या वह वास्तव में पार्टी की अधिकृत पदाधिकारी या सक्रिय सदस्य हैं, अथवा केवल राजनीतिक पहचान का इस्तेमाल करती हैं? इन सवालों का जवाब संबंधित पार्टी और उपलब्ध दस्तावेजों से ही स्पष्ट हो सकता है।
जिला जेल में मुलाकातों का मामला कितना गंभीर?
सूत्रों की माने तो रानी चौबे जिला जेल में बंद कई अपराधी लोगों से मुलाकात करने जाती थीं। इस दावे की सच्चाई जानने के लिए जेल प्रशासन के रिकॉर्ड, मुलाकात पर्चियों और संबंधित अवधि के आधिकारिक दस्तावेजों की जांच जरूरी है।
जांच के प्रमुख बिंदु:
– किन बंदियों से मुलाकात की गई और कितनी बार?
– मुलाकातें निर्धारित नियमों के तहत हुई थीं या नहीं?
– क्या मुलाकातों के संबंध में कोई शिकायत अथवा अनियमितता दर्ज है?
केवल किसी अपराधी बंदी से मुलाकात करना अपने आप में स्वतः संदिग्ध है यदि आप उसके घर की नही है। यदि नियमों के उल्लंघन या किसी अवैध गतिविधि के प्रमाण मिलते हैं, तो निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
जुआ अड्डों से पांच-पांच हजार रुपये लेने का आरोप
शहर में संचालित कथित जुआ अड्डों से प्रति अड्डा पांच हजार रुपये लेने का आरोप भी चर्चा में बताया जा रहा है। एक जुआ खेलाने वाले ने नाम न छापने की शर्त पर ये बात मुझे बताई।
पुलिस को इन बिंदुओं की जांच करनी चाहिए:
– क्या संबंधित जुआ अड्डों के खिलाफ पहले कोई कार्रवाई हुई है?
-जेल पर्ची निकलवा कर देखा जाए कि किन किन अपराधियो से मिंलने जाती थी
– जुए के संचालकों के साथ इसके फोन नम्बर से कितना बार बात हुआ -यदि अवैध वसूली के प्रमाण मिलते हैं, तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
लुक्का यादव और कथित आपराधिक संपर्कों की पड़ताल
मडुआडीह क्षेत्र के लुक्का यादव को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं कि उनके रानी चौबे से करीबी संबंध रहे हैं। ये सब पुलिस की जांच से ही प्रमाणित होगा लेकिन बिना आग के धुंआ नही उठता ये भी सच है।
बुद्ध सिटी राधा रानी गेस्ट हाउस और कथित अवैध गतिविधियां
सारनाथ क्षेत्र में बुद्ध सिटी स्थित राधा रानी गेस्ट हाउस में कथित अवैध गतिविधियां संचालित होने का आरोप भी जांच का विषय बताया जा रहा है। यदि इस संबंध में कोई ठोस शिकायत, दस्तावेज या प्रत्यक्ष साक्ष्य उपलब्ध हैं, तो पुलिस और संबंधित विभाग को नियमानुसार जांच करनी चाहिए।
गेस्ट हाउस के रजिस्टर, लाइसेंस, निरीक्षण रिपोर्ट और दर्ज शिकायतों की जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
पति के संबंध में दावे की आधिकारिक पुष्टि जरूरी
रानी चौबे के पति को सारनाथ थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर और आजीवन कारावास की सजा काट रहा व्यक्ति बताया जा रहा है। इस दावे की पुष्टि न्यायालय के फैसले, जेल रिकॉर्ड और पुलिस के आधिकारिक दस्तावेजों से की जानी चाहिए।
. प्रशासन से सवाल: आरोपों की निष्पक्ष जांच कब?
वाराणसी पुलिस, जेल प्रशासन और संबंधित विभागों को चाहिए कि यदि इन आरोपों के समर्थन में शिकायतें या साक्ष्य उपलब्ध कराए जाते हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच कराई जाए।
जनहित के प्रमुख सवाल:
– क्या कथित जुआ अड्डों और अवैध वसूली की शिकायतों की जांच होगी?
– क्या जेल मुलाकातों के रिकॉर्ड नियमों के अनुरूप हैं?
– क्या गेस्ट हाउस संबंधी आरोपों की पुष्टि के लिए निरीक्षण किया जाएगा?
– क्या राजनीतिक पहचान के दावों की सच्चाई सामने लाई जाएगी?




