वेदप्रकाश मिश्रा मानचित्र के निस्तारण पर सख्त, लापरवाही पर जिम्मेदारों की हालत कर देंगे पस्त
वीडीए में मानचित्र निस्तारण पर सख्त मॉनिटरिंग, सचिव ने दिए गति बढ़ाने के निर्देश

● वेलप्रकाश मिश्रा मानचित्र के निस्तारण लापरवाही पर जिम्मेदारों की हालत कर देंगे पस्त
● वीडीए में मानचित्र निस्तारण पर सख्त मॉनिटरिंग, सचिव ने दिए गति बढ़ाने के निर्देश
● सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा ने सभी जोनल अधिकारियों संग की समीक्षा बैठक
● नवंबर माह का मानचित्र निस्तारण लक्ष्य अधूरा, सचिव ने जताई नाराज़गी
● उपयुक्त प्रगति के लिए आगामी कैंप में अधिकतम निस्तारण का निर्देश
● शमन शुल्क को जल्द प्राधिकरण कोष में जमा कराने पर जोर
● लंबित प्रकरणों के प्राथमिकता-आधारित निस्तारण की सख्त हिदायत
● समयबद्ध व पारदर्शी नागरिक सेवाओं को मजबूत करने पर चर्चा
◆ अमित मौर्य
वाराणसी। वीडीए शहर में निर्माण योजनाओं, मानचित्र स्वीकृति और विकास नियंत्रण को सरल, समयबद्ध और पारदर्शी बनाने की दिशा में लगातार सुधार कर रहा है। इसी क्रम में सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा ने 8 दिसंबर 2025 को सभी जोनल अधिकारियों, अवर अभियंताओं और वार्ड लिपिकों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक का उद्देश्य था नवंबर माह के मानचित्र निस्तारण में आई कमी को समझना, कमियों को दूर करना और आगामी महीनों में प्रक्रिया को तेज व मजबूत बनाना। सचिव ने स्पष्ट कहा कि नागरिकों की अपेक्षाओं और शहर की विकास जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मानचित्र स्वीकृति जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने आगामी कैंप में अधिकतम मानचित्रों का निस्तारण सुनिश्चित करने और स्वीकृति के उपरांत शमन शुल्क को तत्काल प्राधिकरण कोष में जमा कराने की सख्त हिदायत दी। इस दौरान उन्होंने यह भी दोहराया कि सभी लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए, जिससे आम नागरिकों और बिल्डरों को योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी न झेलनी पड़े।
मानचित्र निस्तारण में गिरावट पर सचिव की चेतावनी
वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने शहर के शहरी विकास, भवन निर्माण और मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए एक बार फिर प्रशासनिक सख्ती और नये संकल्प दिखाए हैं। सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा की अध्यक्षता में 8 दिसंबर 2025 को आयोजित समीक्षा बैठक में यह साफ दिखा कि प्राधिकरण अब समयबद्ध और जवाबदेह व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। बैठक में सभी जोनल अधिकारी, अवर अभियंता और वार्ड लिपिक उपस्थित रहे। सचिव ने नवंबर माह में मानचित्र निस्तारण की अपेक्षित प्रगति न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि नागरिक सेवाओं को समय सीमा में पूरा करना हर अधिकारी की जिम्मेदारी है। देरी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मानचित्र निस्तारण क्यों महत्वपूर्ण
मानचित्र स्वीकृति सिर्फ एक कागजी प्रक्रिया नहीं, बल्कि शहर के भविष्य का ब्लूप्रिंट होती है। अवैध निर्माण रोकने, नियोजित विकास को बढ़ावा देने और नागरिकों को विधिसम्मत भवन देने में यह प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण है। पिछले कुछ समय में मानचित्र निस्तारण में रफ्तार कम पड़ती दिखी है, जिससे आम नागरिकों, बिल्डरों और प्राधिकरण की परियोजनाओं पर भी असर पड़ता है। यही वजह है कि सचिव ने इस मुद्दे को प्राथमिकता पर रखा।
सचिव की सख्त हिदायत आगामी कैंप में लक्ष्य पूरा करें
सचिव ने सभी अधिकारियों से कहा कि आगामी मानचित्र निस्तारण कैंप में अधिकतम कार्य पूरे किए जाएं। उन्होंने जोर दिया कि लंबित मानचित्रों को प्राथमिकता पर निपटाया जाए, तकनीकी आपत्तियों को समय पर दूर किया जाए, हर प्रकरण की फाइल को स्पष्ट और स्वच्छ रूप से तैयार किया जाए, आवेदकों को अनावश्यक चक्कर न लगवाया जाए।।डॉ. मिश्रा ने कहा कि यह कैंप सिर्फ एक्सरसाइज नहीं, बल्कि ‘नागरिक विश्वास निर्माण अभियान’ है।
शमन शुल्क जमा कराने पर देरी बर्दाश्त नहीं
मानचित्र स्वीकृति के बाद निर्माण परमिट जारी करने से पहले शमन शुल्क एक अनिवार्य प्रक्रिया है। कई मामलों में यह शुल्क समय पर जमा नहीं किया जा रहा था, जिससे प्राधिकरण को राजस्व नुकसान भी हो रहा था और फाइलें भी लंबे समय तक अटकी रहती थीं। सचिव ने इस पर विशेष जोर देते हुए कहा कि मानचित्र स्वीकृत होते ही शमन शुल्क तुरंत जमा कराया जाए। देरी करने वाले संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई तय है।
लंबित प्रकरणों पर प्राथमिकता ‘पुरानी फाइलें पहले’
बैठक में पाया गया कि कई प्रकरण महीनों से लंबित हैं। सचिव ने यह साफ कहा कि किसी भी फाइल को बिना ठोस कारण के लंबित नहीं रखा जाएगा। उन्होंने सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुरानी फाइलें पहले निपटाई जाएं। आवेदकों को फोन मैसेज के माध्यम से अपडेट दिया जाए। तकनीकी खामियों को 72 घंटे के भीतर ठीक किया जाए समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह सेवाओं पर जोर दिया। सचिव ने बैठक में दोहराया कि वीडीए की नागरिक सेवाओं को डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए हर विभाग को पूरी जिम्मेदारी से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि
इस शहर का हर नागरिक प्राधिकरण की सेवा का हकदार है। देरी और उलझाव हमारी कार्यशैली नहीं होनी चाहिए।
नियोजित वाराणसी के लिए आवश्यक है तेज निस्तारण
मानचित्र निस्तारण सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि शहर को अवैध निर्माण, अनियोजित कॉलोनी, बिना पार्किंग वाली इमारतों और गलत निर्माण से बचाने का महत्वपूर्ण हथियार है। शहर में तीव्र शहरीकरण हो रहा है और ऐसे में वीडीए पर जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। बैठक में नगर नियोजक प्रभात कुमार भी उपस्थित रहे। उन्होंने तकनीकी कमियों, डिजाइन सत्यापन, डिजिटल मानचित्र मॉड्यूल और जीआईएस आधारित जांच प्रक्रिया पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
लापरवाही करेंगे तो कार्रवाई तय
बैठक का लहजा सकारात्मक था, लेकिन सचिव ने सभी को यह भी स्पष्ट रूप से समझाया कि समय सीमा का पालन न करने पर कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि जवाबदेही तय करने का समय आ चुका है। जो लोग काम करेंगे, उन्हें पूरा सहयोग मिलेगा, जो लापरवाही करेंगे, उन्हें चेतावनी भी नहीं दी जाएगी सीधे कार्रवाई होगी। उद्देश्य सिर्फ राजस्व बढ़ाना या लक्ष्य पूरा करना नहीं है, बल्कि शहरवासियों को सहज, पारदर्शी और तेज़ सेवा देना है। अगले कुछ सप्ताह में वीडीए ऑनलाइन मानचित्र की स्थिति की लाइव ट्रैकिंग, एकल-खिड़की निस्तारण व्यवस्था, आवेदकों को व्हाट्सऐप नोटिफिकेशन, हर जोन में निस्तारण दिवस तय किया गया। इन सुधारों से आवेदकों को न तो ऑफिस दौड़ लगाने की जरूरत होगी, न ही फाइलों की स्थिति जानने के लिए किसी अधिकारी पर निर्भर रहना पड़ेगा।
* वीडीए सचिव ने सभी जोनल अधिकारियों और जेई के साथ मानचित्र निस्तारण की समीक्षा की।
* नवंबर माह में अपेक्षित लक्ष्य न मिलने पर जताई नाराजगी।
* आगामी कैंप में अधिकतम मानचित्र निस्तारण का निर्देश।
* स्वीकृति के बाद शमन शुल्क तुरंत जमा कराना अनिवार्य किया।
* लंबित मामलों को प्राथमिकता पर निपटाने का आदेश।
* समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह सेवाओं पर जोर।
* नगर नियोजक प्रभात कुमार ने तकनीकी प्रक्रियाओं पर की चर्चा।
* वीडीए अब डिजिटल और त्वरित सेवा व्यवस्था की ओर आगे बढ़ रहा है।




