सीपी मोहित अग्रवाल का कैंट थाने से स्पष्ट पैगाम,लापरवाही पर दण्ड का करेंगे इंतजाम
पुलिस कमिश्नर का सख्त संदेश, नियम विरुद्ध काम पर चेतावनी

- ‘थाना गोद लेने’ की पहल के तहत पुलिस आयुक्त ने किया निरीक्षण, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण से लेकर साइबर दक्षता और जनसुनवाई तक पर दिए निर्देश
- क्रशर : मोहित अग्रवाल का फोकस साफ—कानून के दायरे में पुलिसिंग, समयबद्ध विवेचना, मजबूत बीट व्यवस्था और जनता से बेहतर व्यवहार
वाराणसी। वाराणसी कमिश्नरेट में पुलिसिंग को अधिक जवाबदेह और जनोन्मुख बनाने की दिशा में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल की ‘थाना गोद लेने’ की पहल अब जमीन पर दिखाई देने लगी है। शनिवार, 19 सितंबर 2026 को उन्होंने कैंट थाने का निरीक्षण किया और पुलिसकर्मियों को स्पष्ट संदेश दिया कि नियम विरुद्ध किसी भी तरह का काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने लंबित विवेचनाओं की स्थिति देखी और पुरानी जांचों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही अपराध नियंत्रण, प्रभावी जनसुनवाई, पुलिसकर्मियों के कल्याण और तकनीकी दक्षता को बेहतर पुलिसिंग की प्राथमिकता बताया।
लंबित विवेचनाओं पर सीपी की सीधी नजर
पुरानी जांचें लंबित न रहें, समय पर पूरा हो कार्रवाई का हर चरण

पुलिस आयुक्त ने कैंट थाने में लंबित पुरानी विवेचनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जांच अनावश्यक रूप से लंबित न रहे और प्रत्येक मामले में साक्ष्यों के आधार पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जनसुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता के साथ सौम्य व्यवहार और उसकी समस्या को गंभीरता से सुनने पर भी जोर दिया गया। सीपी का स्पष्ट संदेश रहा कि पुलिसिंग में अधिकार के साथ जवाबदेही भी जरूरी है।
– पुरानी लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण।
– नियम विरुद्ध कार्य से पूरी तरह बचने की चेतावनी।
– प्रभावी जनसुनवाई और सौम्य व्यवहार पर जोर।
– नियमित गश्त और फील्ड ड्यूटी सुनिश्चित करने के निर्देश।
– प्रत्येक आरक्षक को बीट आवंटित करने की व्यवस्था।
– नए आरक्षकों की नियमित कार्यक्षमता का मूल्यांकन।
तकनीकी पुलिसिंग पर मोहित अग्रवाल का जोर
साइबर सुरक्षा से लेकर CDR और IPDR तक परखी जानकारी
बदलते अपराध के तौर-तरीकों को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने पुलिसकर्मियों की तकनीकी दक्षता पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने साइबर सुरक्षा, प्रतिबिंब ऐप, सीसीटीएनएस, आरटीसी, जेडएफडी, फॉरेंसिक जांच, साक्ष्य संकलन, सीडीआर और आईपीडीआर के बारे में पुलिसकर्मियों से जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिया कि पुलिसकर्मी आधुनिक तकनीक और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में दक्ष हों। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस की तकनीकी क्षमता को मजबूत करना जांच की गुणवत्ता के लिए जरूरी है।
मिशन शक्ति केंद्र को स्कूलों तक पहुंचने का निर्देश
महिलाओं और छात्राओं से संवाद, 1090, 112 और 1930 की देंगे जानकारी
महिला सुरक्षा को लेकर भी पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। मिशन शक्ति केंद्र की महिला पुलिसकर्मियों को स्कूलों, हॉस्टल और कोचिंग संस्थानों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम चलाने को कहा गया।
महिला पुलिसकर्मी छात्राओं और महिलाओं से संवाद कर उनकी समस्याओं को समझेंगी और उन्हें 1090, 112 और 1930 जैसी हेल्पलाइन की जानकारी देंगी।
इसके साथ ही संस्थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करने और कहीं कमी मिलने पर संबंधित स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बीट पुलिसिंग और गश्त होगी मजबूत
हर आरक्षक को बीट, नए जवानों की कार्यक्षमता की होगी नियमित समीक्षा
मोहित अग्रवाल ने पुलिस की मौजूदगी को प्रभावी बनाने के लिए नियमित फील्ड ड्यूटी, गश्त और चेकिंग सुनिश्चित करने को कहा।
सभी आरक्षकों को बीट आवंटित करने और नए भर्ती हुए आरक्षकों की कार्यक्षमता का नियमित मूल्यांकन करने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य यह है कि पुलिसकर्मी अपने क्षेत्र, वहां की समस्याओं और अपराध की स्थिति से लगातार परिचित रहें।
बीट व्यवस्था मजबूत होने से स्थानीय स्तर पर पुलिस और जनता के बीच संपर्क बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।
थाने में साफ-सफाई से मेस तक पर नजर
पुलिसकर्मियों की सुविधाएं भी बेहतर हों, तभी सुधरेगी कार्यक्षमता
पुलिस आयुक्त ने थाना परिसर की स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, महिला शौचालय और मेस में गुणवत्तापूर्ण भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उनका जोर केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं रहा। पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने को भी पुलिसिंग की गुणवत्ता से जोड़ा गया।
साफ-सुथरा थाना, बेहतर सुविधाएं और अनुशासित कार्यप्रणाली का सीधा असर पुलिसकर्मियों के कामकाज पर पड़ता है। इसी सोच के साथ इन व्यवस्थाओं को भी निरीक्षण का हिस्सा बनाया गया।
यातायात और अतिक्रमण पर भी सख्ती
कैंट जैसे व्यस्त इलाके में व्यवस्था सुधारने की कवायद
कैंट क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और अतिक्रमण को लेकर भी पुलिस आयुक्त ने आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने फील्ड में नियमित निगरानी और चेकिंग के साथ यातायात को प्रभावित करने वाली समस्याओं पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
पुलिसिंग का दायरा केवल मुकदमे दर्ज करने तक सीमित न रहे, बल्कि सड़क, बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर व्यवस्था बनाए रखने में भी पुलिस की सक्रिय भूमिका दिखाई दे—निरीक्षण के दौरान इस दिशा में जोर रहा।
‘थाना गोद लेने’ की पहल को जमीन पर उतार रहे मोहित अग्रवाल
एक ही निरीक्षण में विवेचना, साइबर पुलिसिंग, महिला सुरक्षा और पुलिसकर्मी कल्याण पर पुलिस कमिश्नर का फोकस रहेगा।
मोहित अग्रवाल की ‘थाना गोद लेने’ की पहल का उद्देश्य थानों की कार्यप्रणाली को करीब से समझकर उनमें व्यावहारिक सुधार लाना है। कैंट थाने के निरीक्षण में इसका व्यापक स्वरूप दिखाई दिया।
लंबित विवेचनाओं के निस्तारण से लेकर तकनीकी दक्षता, महिला सुरक्षा, बीट पुलिसिंग, जनसुनवाई, यातायात, स्वच्छता और पुलिसकर्मियों की सुविधाओं तक अलग-अलग बिंदुओं पर निर्देश दिए गए।
इससे साफ है कि पुलिस आयुक्त थानों की कार्यप्रणाली को केवल अपराध के आंकड़ों से नहीं, बल्कि जनता के अनुभव और पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता से भी जोड़कर देख रहे हैं।
जनता का भरोसा बनेगा असली कसौटी
सौम्य व्यवहार से लेकर समयबद्ध कार्रवाई तक हर स्तर पर बदलाव की कोशिश
पुलिस आयुक्त की इस पहल का अंतिम लक्ष्य पुलिस और जनता के बीच भरोसा मजबूत करना है। थाने पहुंचने वाले व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी जाए, उसकी शिकायत पर समय से कार्रवाई हो, पुलिसकर्मी तकनीकी रूप से सक्षम हों और क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी प्रभावी रहे—यही बेहतर पुलिसिंग की बुनियादी जरूरतें हैं।
कैंट थाने के निरीक्षण के जरिए मोहित अग्रवाल ने इन सभी पहलुओं को एक साथ साधने की कोशिश की है।
थाना गोद लेने’ की पहल में सिर्फ थाने की सूरत नहीं, पुलिसिंग की सीरत बदलने पर जोर
निरीक्षण के दौरान पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन प्रमोद कुमार, अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन लिपि नागयाच, संबंधित सहायक पुलिस आयुक्त और अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
मोहित अग्रवाल की पहल अब निर्देशों से आगे उनके क्रियान्वयन की कसौटी पर है। लंबित विवेचनाओं का निस्तारण, मजबूत बीट व्यवस्था, तकनीकी पुलिसिंग और बेहतर जनसुनवाई का असर यदि जमीन पर दिखता है तो कैंट थाना कमिश्नरेट की नई कार्यशैली का प्रभावी उदाहरण बन सकता है।



