डीजीपी राजीव कृष्ण ट्रेनों की सुरक्षा पर बेहद सख्त,लापरवाही पर हालत कर देंगे बिल्कुल पस्त
सुरक्षित सफर की मजबूत पहल यूपी में जहरखुरानी, रेल पथराव के खिलाफ जीआरपी का बड़ा जागरूकता अभियान

- डीजीपी राजीव कृष्ण ने शुरू किया व्यापक अभियान, रेल यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
- ट्रेनों से लेकर स्टेशनों तक गूंजेगा सुरक्षा संदेश, बैनर-पोस्टर और स्टिकर से होगी जागरूकता
- अनजान यात्री की ‘मेहरबानी’ पड़ सकती है भारी, खान-पान को लेकर सतर्क रहने की अपील
- पटरियों पर पत्थर या संदिग्ध वस्तु दिखे तो तुरंत पुलिस-रेल प्रशासन को दें सूचना
- जीआरपी थानों और प्रमुख रेलवे परिसरों में बढ़ेगी निगरानी, चेकिंग और गश्त
- जनसहयोग से रेल अपराध पर प्रहार, सुरक्षित यात्रा के लिए यात्रियों को बनाया जाएगा सुरक्षा प्रहरी
लखनऊ। रेल यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का माध्यम नहीं, बल्कि रोजाना लाखों लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा है। ऐसे में ट्रेन में सफर कर रहे यात्री को यदि जहरखुरानी, चोरी, पथराव या किसी अन्य असामाजिक गतिविधि का खतरा महसूस हो तो यात्रा का भरोसा और सुरक्षा दोनों प्रभावित होते हैं। इसी चुनौती से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने अब सुरक्षा व्यवस्था के साथ जन-जागरूकता को भी अपनी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने मंगलवार को पुलिस महानिदेशक (रेलवे) प्रकाश डी. की मौजूदगी में रेल यात्रियों की सुरक्षा और जहरखुरानी जैसी घटनाओं की प्रभावी रोकथाम के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। अभियान का उद्देश्य केवल यात्रियों को सावधान करना नहीं, बल्कि उन्हें संभावित रेल अपराधों के खिलाफ सक्रिय भागीदार बनाना है। इसके तहत उत्तर प्रदेश से गुजरने वाली ट्रेनों, राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के सभी थानों, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और महत्वपूर्ण रेल परिसरों में बैनर, पोस्टर और स्टिकर लगाए जाएंगे। इनके जरिए यात्रियों को जहरखुरानी से बचाव, संदिग्ध लोगों से सावधानी और अनजान व्यक्ति द्वारा दिए गए खाद्य पदार्थ अथवा पेय पदार्थ का सेवन न करने के प्रति जागरूक किया जाएगा। अभियान का दायरा केवल जहरखुरानी तक सीमित नहीं रखा गया है। ट्रेनों पर पथराव और रेल पटरियों पर संदिग्ध वस्तुएं रखे जाने जैसी गंभीर घटनाओं की रोकथाम के लिए भी यात्रियों और आमजन को सजग किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि किसी संदिग्ध गतिविधि की समय रहते सूचना मिलने पर संभावित दुर्घटना और अपराध दोनों को रोका जा सकता है। डीजीपी ने अभियान को व्यापक और प्रभावी तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। संदेश साफ है रेल सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, यात्री की सतर्कता भी उसकी सबसे मजबूत ढाल है।

सुरक्षा व्यवस्था के साथ जागरूकता पर जोर
उत्तर प्रदेश में रेल यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में एक व्यापक जन जागरूकता अभियान पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने पुलिस महानिदेशक (रेलवे) प्रकाश डी. की उपस्थिति में अभियान का शुभारंभ किया। इस पहल का केंद्र जहरखुरानी की घटनाओं की रोकथाम के साथ-साथ ट्रेनों और रेल परिसरों में होने वाली अन्य आपराधिक एवं असामाजिक गतिविधियों को रोकना है। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। अपराध को होने से पहले रोकने के लिए यात्रियों को जागरूक करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि अभियान में पुलिस की निगरानी और गश्त के साथ आम यात्रियों की भागीदारी को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
अनजान की दोस्ती से सावधान
रेल यात्रा के दौरान जहरखुरानी की घटनाओं में अक्सर अपराधी यात्रियों से दोस्ती कर उनका विश्वास हासिल करने का प्रयास करते हैं। बातचीत के दौरान खाने-पीने की चीजें साझा करने या किसी अन्य बहाने से खाद्य पदार्थ या पेय पदार्थ देने की कोशिश की जा सकती है।
इसी खतरे को देखते हुए अभियान में यात्रियों को विशेष रूप से चेताया जाएगा कि वे किसी अनजान व्यक्ति द्वारा दिए गए खाद्य पदार्थ या पेय पदार्थ का सेवन न करें।
पुलिस का संदेश बेहद सीधा है, यात्रा में अनजान व्यक्ति की मेहमाननवाजी को स्वीकार करना हमेशा समझदारी नहीं होती। कुछ क्षण की लापरवाही यात्री को गंभीर संकट में डाल सकती है। यात्रियों को संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखने और किसी असामान्य स्थिति की जानकारी तत्काल पुलिस या रेल प्रशासन को देने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
ट्रेन से स्टेशन तक सुरक्षा संदेश
अभियान को केवल रेलवे स्टेशन तक सीमित नहीं रखा गया है। उत्तर प्रदेश से होकर गुजरने वाली ट्रेनों में भी सुरक्षा संबंधी संदेश पहुंचाए जाएंगे। जीआरपी के सभी थानों, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और अन्य महत्वपूर्ण रेल परिसरों में बैनर, पोस्टर और स्टिकर लगाए जाएंगे।
इसका उद्देश्य यह है कि यात्री सफर शुरू करने से पहले, सफर के दौरान और स्टेशन पर पहुंचने के बाद भी सुरक्षा संबंधी सावधानियों से परिचित रहें। रेल यात्रा में यात्री कई बार भीड़, जल्दबाजी और सफर की थकान के कारण आसपास की गतिविधियों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाते। अपराधी इसी लापरवाही का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। जागरूकता अभियान का लक्ष्य इसी कमजोर कड़ी को मजबूत करना है।
पथराव के खिलाफ भी जनभागीदारी
रेल सुरक्षा के सामने एक अन्य गंभीर चुनौती ट्रेनों पर पथराव और रेल पटरियों पर संदिग्ध वस्तुएं रखे जाने जैसी घटनाएं हैं। चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकना केवल संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटना नहीं है। इससे यात्रियों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। इसी तरह रेल पटरी पर कोई वस्तु रख देना ट्रेन संचालन के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। अभियान के तहत यात्रियों और आमजन को ऐसे मामलों में तत्काल सूचना देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति रेल पटरी के आसपास संदिग्ध गतिविधि करता दिखाई देता है या पटरी पर कोई संदिग्ध वस्तु रखी नजर आती है, तो उसकी सूचना तत्काल जीआरपी अथवा रेल प्रशासन को दी जानी चाहिए। पुलिस का मानना है कि अपराध होने के बाद आरोपी तक पहुंचने से बेहतर है कि संभावित घटना को पहले ही रोक दिया जाए।
यात्री बनेंगे सुरक्षा प्रहरी
इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता जनसहयोग है। रेलवे पुलिस के जवान हर ट्रेन में हर समय मौजूद नहीं रह सकते। प्रत्येक स्टेशन और प्रत्येक रेल मार्ग पर पुलिस की मौजूदगी संभव नहीं है। ऐसे में यात्रियों की सजगता सुरक्षा व्यवस्था को कई गुना मजबूत कर सकती है। यदि कोई यात्री संदिग्ध गतिविधि देखता है और समय रहते सूचना देता है तो पुलिस तत्काल कार्रवाई कर सकती है। यही वजह है कि यात्रियों को केवल ‘सावधान रहने’ की सलाह नहीं दी जा रही, बल्कि उन्हें सुरक्षा व्यवस्था का सक्रिय हिस्सा बनाने की कोशिश की जा रही है। एक जागरूक यात्री कई यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है।
जीआरपी की लगातार चेकिंग और गश्त
राजकीय रेलवे पुलिस की ओर से रेल परिसरों और ट्रेनों में लगातार चेकिंग और गश्त की जा रही है। अभियान के साथ इन गतिविधियों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रियों को यात्रा के दौरान सुरक्षित वातावरण मिले और अपराधियों के लिए रेल परिसर आसान निशाना न बने। चेकिंग, गश्त और जागरूकता इन तीनों को एक साथ आगे बढ़ाने की रणनीति अपनाई जा रही है।
डीजीपी ने दिए प्रभावी संचालन के निर्देश
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रदेश से गुजरने वाले अधिक से अधिक रेल यात्रियों तक सुरक्षा संबंधी संदेश पहुंचाया जा सके। उनका जोर जनसहयोग के माध्यम से रेल अपराधों और असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने पर है। इससे यह स्पष्ट है कि पुलिस अब रेल सुरक्षा को केवल कानून-व्यवस्था का विषय मानकर नहीं चल रही, बल्कि इसे सामुदायिक भागीदारी से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
छोटी सावधानी, बड़ा बचाव
रेल यात्रा के दौरान कुछ सामान्य सावधानियां यात्रियों को गंभीर खतरे से बचा सकती हैं। अनजान व्यक्ति से अत्यधिक घुलना-मिलना, उसके दिए खाने-पीने का सामान स्वीकार करना, अपना सामान किसी अपरिचित व्यक्ति के भरोसे छोड़ना या संदिग्ध गतिविधि देखकर उसे नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है।
इसी प्रकार ट्रेन पर पथराव या पटरी पर संदिग्ध वस्तु दिखाई देने पर केवल वीडियो बनाने के बजाय तत्काल पुलिस और रेल प्रशासन को सूचना देना ज्यादा जिम्मेदार नागरिक व्यवहार है। सुरक्षा व्यवस्था जितनी महत्वपूर्ण है, सुरक्षा के प्रति नागरिक चेतना उतनी ही जरूरी है।
रेल सुरक्षा में सामूहिक जिम्मेदारी
रेलवे देश की जीवनरेखा है। प्रतिदिन करोड़ों यात्री ट्रेनों के माध्यम से अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। ऐसे विशाल नेटवर्क में हर स्थान पर पुलिस बल की तैनाती संभव नहीं है। इसलिए पुलिस, रेल प्रशासन और यात्रियों के बीच बेहतर तालमेल ही सुरक्षा को मजबूत कर सकता है। जीआरपी का यह अभियान इसी दिशा में एक कदम है। यदि एक यात्री सावधान रहता है, एक संदिग्ध गतिविधि की सूचना देता है और एक अपराध को होने से पहले रोकने में मदद करता है तो उसका योगदान किसी पुलिसकर्मी की कार्रवाई से कम नहीं है।
संदेश साफ है सफर सुरक्षित तो मंजिल आसान
रेल यात्रा की सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी मान लेने से समस्या पूरी तरह हल नहीं होगी। यात्री अपने व्यवहार में सावधानी बरतें। संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न करें। अनजान व्यक्ति से खाने-पीने की चीजें न लें। पटरियों पर संदिग्ध वस्तु दिखाई दे तो सूचना दें। ट्रेन पर पथराव जैसी घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दें और सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा संबंधी किसी भी चेतावनी को मामूली न समझें। यूपी पुलिस का यह अभियान तभी सफल होगा जब जागरूकता पोस्टर से निकलकर यात्री के व्यवहार का हिस्सा बनेगी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक (रेलवे) रोहित मिश्रा, स्टाफ ऑफिसर डीजी (रेलवे) अनिल कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




