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भाजपा विधायक ने एक रात गुजारी और 50 हजार देकर चलता कर दिया, मणिपुर में एक और विधायक पर यौन शोषण का आरोप, दिल्ली पुलिस अभी सोई है

* पीड़ित महिला ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर मचाया बवाल
* भाजपा विधायक ने दी सफाई, कहा- मुझे बदनाम करने की साजिश
* यौन शोषण के आरोप में घिरे मणिपुर के दूसरे विधायक
* मणिपुर के पूर्व सीएम और वर्तमान मुख्यमंत्री पर भी आरोपों के दाग
* मणिपुर में कुछ तो ऐसा है कि जिसे छिपाने गुनाह करती जा रही है भाजपा

मोनीदिपा सेन सरमा इम्फाल। बीते 3 साल से जातीय हिंसा और तनाव झेल रहा मणिपुर एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह किसी हिंसक वारदात के कारण नहीं, बल्कि एक ऐसे सेक्स स्कैंडल के कारण है, जो उत्तर-पूर्व के इस पहाड़ी राज्य में विरले ही देखी जाती है। एक महिला ने मणपुर भाजपा के एक वरिष्ठ नेता और विधायक सोराखाइबाम राजेन सिंह पर दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में उसके साथ एक रात बिताने का संगीन आरोप लगाया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर महिला ने आरोप लगाया कि उसने 2023 में भाजपा विधायक के साथ होटल में एक रात गुजारी और इसके लिए उसे कथित रूप से 50 हजार रुपए दिए गए। हालांकि, महिला के दावे पर सवाल उठ रहा है कि वह 2023 की इस घटना के बारे में तीन साल बाद अब क्यों बता रही है। वहीं, सोराखाइबाम राजेन सिंह ने इन आरोपों का सख्त खंडन करते हुए कहा है कि उनकी प्रतिष्ठा को खराब करने के लिए उन पर ऐसे घिनौने आरोप लगाए गए हैं।

हालांकि, इस मैतेई महिला के आरोपों के बाद सोशल मीडिया पर सोराखाइबाम राजेन सिंह की आलोचना हो रही है। सिंह का कहना है कि दिल्ली में ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण उनके खिलाफ ऐसे झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उधर, पुलिस ने इस संबंध में न तो कोई शिकायत दर्ज की है और न ही महिला के आरोपों की जांच के प्रयास किए हैं। इससे साफ है कि पुलिस मामले को रफा-दफा करने और महिला के मामले को दबाने की पूरी कोशिश कर रही है।

क्या कहा महिला ने वीडियो में?

इस मैतेई महिला ने अपने वीडियो संदेश में दावा किया है कि उसे उसकी एक रिश्तेदार महिला ने विधायक सोराखाइबाम राजेन सिंह से मिलवाया था। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो क्लिप (https://x.com/i/status/2030207079198449711) में महिला दावा कर रही हैं कि साल 2023 में उसे उसकी रिश्ते की एक बहन ने विधायक से मिलवाया। विधायक ने उसे मिलने के लिए दिल्ली के एक होटल अशोका में बुलवाया, जहां उसने एक रात बिताने के लिए 50 हजार रुपए देने का वादा किया। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने विधायक की नैतिकता पर सवाल उठाए हैं। इसके बाद विधायक राजेन सिंह ने भी एक वीडियो जारी कर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि इस तरह का झूठा और बेबुनियाद आरोप उस दुष्प्रचार का हिस्सा है, जो उन्हें राजनीतिक रूप से बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश बताते हुए कहा कि इसके पीछे उनके लंबे राजनीतिक करियर को खत्म करने की योजना है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यजनक बताते हुए फेसबुक में थोईथोई चैन नाम के एक खाते का जिक्र किया, जहां से उनके अनुसार, दुष्प्रचार की शुरुआत की गई है। उन्होंने दावा किया कि वे उस महिला को नहीं पहचानते और न ही कभी दिल्ली के अशोका होटल में ठहरे हैं। अपने बयान में राजेन सिंह ने यह भी दावा किया कि उस महिला को डरा-धमकाकर इस तरह का बयान दिलवाया गया होगा, ताकि कोई अन्य इसका राजनीतिक फायदा उठा सके। उनके मुताबिक, इस साजिश से उनके राजनीतिक भविष्य को झटका लगा है और मणिपुर के विकास में भी रुकावट डाली गई है।
ऐसे स्कैंडल में कभी नहीं पड़ा
राजेन सिंह 1995 में पहली बार विधायक बने। उसके बाद वे मणिपुर में कई विभागों के मंत्रिपद पर रहे, लेकिन अपने लंबे राजनीतिक करियर में कभी इस तरह के किसी राजनीतिक स्कैंडल में नहीं पड़े, जिसमें उनकी नैतिकता पर सवाल उठा हो। उन्होंने अपने बयान में कहा कि अगर इस तरह की कोई घटना हुई है तो महिला को अपना चेहरा ढंककर रखने की जगह खुलकर सामने आना चाहिए और पुलिस को मुलाकात के प्रमाण पेश करने चाहिए।

एक और भाजपा विधायक पर आरोप

मणिपुर की राजनीति में पहली बार ऐसा कोई स्कैंडल सामने आया है। हालांकि, इससे पहले राज्य के एक और भाजपा विधायक थोकचोम सत्यव्रत के खिलाफ संगीन आरोप लगे हैं। एक अन्य महिला ने आरोप लगाया है कि विधायक ने दिल्ली में एक होटल में रात बिताने के एवज में उसे एक लाख रुपए दिए। दोनों मामलों के सामने आने के बाद मणिपुर के सियासी हल्कों में अब एक बहस छिड़ गई है। मणिपुर के लामसांग विधानसभा क्षेत्र से आने वाले विधायक राजेन सिंह के खिलाफ पहले ही हत्या के प्रयास के मामले में आईपीसी की धारा 34 और 326 का मामला दर्ज है। इससे पहले राज्य की भाजपा सरकार के पूर्व सीएम एम वीरेंद्र सिंह के खिलाफ ड्रग माफिया को शरण देने के बदले सालाना 250 करोड़ रुपए लेने के आरोप भी लग चुके हैं। अब बताया जाता है कि मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में ड्रग माफिया ने अपना घर बसा लिया है और वे पड़ोस के म्यांमार में नशीले पदार्थों को बेचकर बदले में हथियार प्राप्त कर रहे हैं, जिससे सेना और अर्धसैन्य बलों पर हमले हो रहे हैं। वहीं, मणिपुर के मौजूदा सीएम पर भी यूएनएलएफ को फंडिंग करने और राज्य में सेक्स ट्रैफिकिंग गैंग को संरक्षण देने का आरोप लगा है। राज्य के सीएम पर इस गिरोह के सरगनाओं को पनाह देने का भी आरोप लगाया गया है, जबकि राज्य के डिप्टी सीएम के एक परिजन के उग्रवादी गिरोह से संबंध होने का आरोप भी है। मणिपुर के सीएम पर यह भी आरोप है कि उनके एक मंत्री का भाई यूएनएलएफ की एक बड़ी शेल कंपनी का डायरेक्टर है।

दिल्ली के मालवीय नगर इलाके का है

जहां मणिपुर की एक युवती के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में चार नाबालिग आरोपियों को पकड़ लिया है। सभी आरोपी 15–16 साल की उम्र के बताए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक 9 मार्च को सतपुरा पार्क में झगड़े की सूचना दिल्ली पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही थाना मालवीय नगर के थानेदार और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां उन्हें घायल युवती मिली, जो भाटी माइंस इलाके की रहने वाली है।
युवती ने दिल्ली पुलिस को बताया कि वह पार्क में अपने एक दोस्त से मिलने आई थी। इसी दौरान पार्क में मौजूद कुछ लड़के उस पर आपत्तिजनक और अश्लील टिप्पणियां करने लगे। जब युवती ने इसका विरोध किया तो लड़के गुस्से में आ गए और उससे झगड़ा करने लगे। आरोप है कि इसके बाद लड़कों ने युवती के साथ मारपीट शुरू कर दी। एक आरोपी ने कमर में पहनी बेल्ट निकालकर उस पर हमला कर दिया। पुलिस ने बताया कि इस घटना में महिला को मामूली चोटें आईं और उसे चिकित्सा जांच और उपचार के लिए सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक वह ठीक है और उसे मामूली चोट आई है। पुलिस टीम पीड़िता से लगातार संपर्क में है. दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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