वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा का भूमाफियाओं पर शिकंजा कसने की तैयारी, नही माने तो एफआईआर होगी बारी -बारी

- – अवैध प्लाटिंग और निर्माण पर वाराणसी विकास प्राधिकरण ने अपनाया सख्त रुख।
- – प्रत्येक जोन में हर सप्ताह कम से कम तीन एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश।
- – हाई फ्लड लेवल और गंगा तटीय क्षेत्रों में अवैध निर्माण पर विशेष निगरानी।
- – लापरवाही मिलने पर सुपरवाइजर, अवर अभियंता और जोनल अधिकारियों पर कार्रवाई।
- – ध्वस्तीकरण और सीलिंग अभियान को और तेज करने के निर्देश।
- – शहर में बढ़ती अवैध प्लाटिंग, अनधिकृत निर्माण और भूमाफियाओं की गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने कड़ा रुख अपनाया है।
गत दिवस वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों एवं अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपाध्यक्ष कार्यालय में आयोजित बैठक में पांचों जोनों के जोनल अधिकारी, अवर अभियंता और फील्ड स्टाफ उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान प्रत्येक जोन से अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत कराई गई तथा उनकी वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि यदि किसी भी क्षेत्र में अवैध निर्माण या अवैध प्लाटिंग पाई जाती है तो संबंधित सुपरवाइजर को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा। इसके साथ ही संबंधित अवर अभियंता और जोनल अधिकारी की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अब तक की गई ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई का अद्यतन विवरण तत्काल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही सभी जोनों में प्रवर्तन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रति सप्ताह न्यूनतम तीन मामलों में एफआईआर दर्ज कराना अनिवार्य किया गया है। माना जा रहा है कि इस कदम से अवैध कॉलोनियां विकसित करने वाले भूमाफियाओं और नियमों की अनदेखी कर निर्माण कराने वाले लोगों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
बैठक के दौरान हाई फ्लड लेवल क्षेत्र तथा गंगा नदी के तटीय इलाकों में हो रहे अवैध निर्माणों पर विशेष चिंता व्यक्त की गई। उपाध्यक्ष ने कहा कि ये क्षेत्र पर्यावरणीय और सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हैं। ऐसे क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के अनधिकृत निर्माण को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ऐसे मामलों में तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराई जाए।
वीडीए प्रशासन का मानना है कि अवैध प्लाटिंग और अनधिकृत निर्माण न केवल शहर के नियोजित विकास में बाधा उत्पन्न करते हैं बल्कि भविष्य में नागरिक सुविधाओं, यातायात व्यवस्था और पर्यावरणीय संतुलन के लिए भी गंभीर चुनौती बन जाते हैं। इसी कारण अब प्राधिकरण ने प्रवर्तन अभियान को और अधिक आक्रामक बनाने का निर्णय लिया है।
उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बैठक के अंत में स्पष्ट शब्दों में कहा कि वाराणसी के नियोजित, सुव्यवस्थित और सतत विकास के लिए किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण, त्वरित कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वीडीए की इस सख्ती को शहर में भूमाफियाओं और अवैध निर्माणकर्ताओं के खिलाफ एक बड़े अभियान की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
- *हर जोन में हर सप्ताह तीन एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य*
- अवैध प्लाटिंग और निर्माण के मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश, लापरवाही पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
- *गंगा तटीय और हाई फ्लड लेवल क्षेत्रों पर विशेष निगरानी*
- संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध निर्माण मिलने पर तत्काल ध्वस्तीकरण, एफआईआर और विधिक कार्रवाई के आदेश।
- *भूमाफियाओं के खिलाफ तेज होगा प्रवर्तन अभियान*
- *ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की समीक्षा, शहर के नियोजित विकास के लिए अवैध गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस नीति।
- *अवैध निर्माण मिला तो अधिकारी भी नहीं बचेंगे’*
- गंगा किनारे कब्जों पर चलेगा बुलडोजर
- *भूमाफियाओं के खिलाफ वीडीए का आर-पार का अभियान*




