पूर्ण बोरा वीडीए उपाध्यक्ष बकायेदारों पर सख्त,किराया न देने वालों का हाल हुआ पस्त
बकायेदारों पर वीडीए की सख्ती राजस्व संरक्षण की दिशा में निर्णायक कदम

- किराया न चुकाने वाले दुकानदारों पर गिरी गाज, वीडीए ने कई दुकानों को किया सील
- विधिक प्रक्रिया के बाद हुई सख्त कार्रवाई नोटिस और सुनवाई के बावजूद बकाया न चुकाने पर उठाया कदम
- जवाहर लाल नेहरू व्यावसायिक परिसर की दुकानें सील
- लाखों रुपये की बकाया धनराशि न देने वाले आवंटियों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
- तीन आवंटियों पर 5 लाख से 10 लाख रुपये तक की देनदारी लंबित
- संपत्ति विभाग की टीम ने विधिसम्मत तरीके से कार्रवाई को दिया अंजाम
- 15 दिनों का अंतिम अवसर, भुगतान न होने पर ई-ऑक्शन
- अन्य बकायेदार भी प्रशासन के रडार पर 8 से 10 और दुकानों को चिन्हित कर विशेष अभियान की तैयारी
- राजस्व संरक्षण से जुड़े व्यापक निहितार्थ वसूली से शहरी विकास परियोजनाओं को मिलेगी गति

वाराणसी। शहरी विकास और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने बकाया किराया और देय धनराशि की वसूली के लिए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा के निर्देशानुसार प्राधिकरण ने जवाहर लाल नेहरू व्यावसायिक परिसर में स्थित कई दुकानों को सील कर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं को अब किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई उन आवंटियों के विरुद्ध की गई है, जिन्होंने वर्षों से किराया एवं अन्य देय राशि का भुगतान नहीं किया, जबकि प्राधिकरण द्वारा उन्हें समय-समय पर कई नोटिस जारी कर बकाया धनराशि जमा करने का अवसर प्रदान किया गया था। प्रशासनिक प्रक्रिया के सभी चरणों का पालन करने के बाद ही यह कठोर कदम उठाया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्राधिकरण का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ राजस्व संरक्षण और सार्वजनिक संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करना है। सील की गई दुकानों में दुकान संख्या-64 एवं 65, जो शिवदेव नारायण राय के नाम आवंटित हैं, पर अप्रैल 2026 तक 10,16,393 रुपये की बकाया राशि लंबित पाई गई। इसी प्रकार दुकान संख्या-22, जो लालता सिंह के नाम आवंटित है, पर 8,14,307 रुपये तथा दुकान संख्या-125 एवं 126, जो प्रकाश चंद्र एवं उषा देवी के नाम आवंटित हैं, पर 5,40,302 रुपये की बकाया धनराशि पाई गई। इन सभी आवंटियों को 12 जुलाई 2023, 12 जुलाई 2024, 19 जुलाई 2024, 16 अगस्त 2024, 2 दिसंबर 2024 तथा अंतिम नोटिस 20 मार्च 2025 को प्रेषित किए गए थे। इसके बावजूद न तो उन्होंने कोई भुगतान किया और न ही प्राधिकरण के समक्ष उपस्थित होकर कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया। उपाध्यक्ष के निर्देशों के अनुपालन में संपत्ति अधिकारी आनंद प्रकाश तिवारी, सहायक संपत्ति अधिकारी रमेश चंद्र दुबे, पटल सहायक अजय श्रीवास्तव तथा रेंट कलेक्टर रणधीर की उपस्थिति में सीलिंग की कार्रवाई संपन्न की गई। इस दौरान प्रशासन ने पूरी पारदर्शिता और विधिक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया। प्राधिकरण ने संबंधित आवंटियों को अंतिम अवसर प्रदान करते हुए 15 दिनों के भीतर समस्त बकाया धनराशि एवं देय विक्रय मूल्य जमा करने के निर्देश दिए हैं। यदि निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया जाता है, तो दुकानों का आवंटन निरस्त कर उन्हें ई-ऑक्शन के माध्यम से नीलाम करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। यह कदम न केवल राजस्व की वसूली सुनिश्चित करेगा, बल्कि उन पात्र व्यक्तियों को भी अवसर प्रदान करेगा जो वैध रूप से व्यवसाय स्थापित करना चाहते हैं। वीडीए की यह कार्रवाई केवल कुछ दुकानों तक सीमित नहीं है। उपाध्यक्ष ने यह भी निर्देशित किया है कि ऐसे अन्य दुकानदार, जो लंबे समय से बकाया राशि जमा नहीं कर रहे हैं, उनके विरुद्ध भी विशेष अभियान चलाया जाए। इस क्रम में लगभग 8 से 10 अन्य दुकानों को चिन्हित किया गया है, जिन पर इसी सप्ताह सीलिंग की कार्यवाही प्रस्तावित है। यह कार्रवाई प्रशासनिक इच्छाशक्ति, जवाबदेही और राजस्व संरक्षण का सशक्त उदाहरण है। लंबे समय से सरकारी संपत्तियों का लाभ उठाते हुए किराया न चुकाने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए यह कदम अत्यंत आवश्यक था। इससे न केवल वित्तीय अनुशासन स्थापित होगा, बल्कि आम जनता के बीच यह विश्वास भी मजबूत होगा कि सरकारी संसाधनों का उपयोग पारदर्शी और न्यायसंगत तरीके से किया जा रहा है।


किराया बकायेदारों पर वीडीए की बड़ी कार्रवाई, कई दुकानें सील ई-ऑक्शन की तैयारी
वाराणसी। शहरी विकास और प्रशासनिक अनुशासन को सुदृढ़ करने की दिशा में वीडीए ने बकाया किराया एवं देय धनराशि की वसूली के लिए निर्णायक कदम उठाया है। जवाहर लाल नेहरू व्यावसायिक परिसर स्थित कई दुकानों को सील कर दिया गया है। यह कार्रवाई उन आवंटियों के विरुद्ध की गई है, जिन्होंने वर्षों से प्राधिकरण को देय किराया एवं विक्रय मूल्य का भुगतान नहीं किया, जबकि उन्हें समय-समय पर नोटिस जारी कर भुगतान हेतु पर्याप्त अवसर प्रदान किया गया था।
कानूनी प्रक्रिया के बाद की गई सख्त कार्रवाई
वीडीए द्वारा की गई यह कार्रवाई किसी तात्कालिक निर्णय का परिणाम नहीं, बल्कि एक लंबी और विधिसम्मत प्रक्रिया का निष्कर्ष है। प्राधिकरण ने संबंधित आवंटियों को 12 जुलाई 2023, 12 जुलाई 2024, 19 जुलाई 2024, 16 अगस्त 2024, 2 दिसंबर 2024 तथा अंतिम नोटिस 20 मार्च 2025 को प्रेषित किए। इन नोटिसों में स्पष्ट रूप से बकाया धनराशि जमा करने और प्राधिकरण के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद संबंधित आवंटियों द्वारा न तो कोई भुगतान किया गया और न ही कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया। परिणाम स्वरूप, प्राधिकरण को राजस्व हितों की रक्षा के लिए सीलिंग जैसी कठोर कार्रवाई करने के लिए बाध्य होना पड़ा।
सील की गई दुकानों का विवरण
दुकान संख्या 64 एवं 65 आवंटी का नाम शिवदेव नारायण राय बकाया धनराशि 10,16,393 रुपए, दुकान संख्या 22 आवंटी का नाम लालता सिंह बकाया धनराशि 8,14,307 रुपए, दुकान संख्या 125 एवं 126 आवंटी का नाम प्रकाश चंद्र एवं उषा देवी बकाया धनराशि 5,40,302 रुपए इन सभी मामलों में बकाया राशि कई वर्षों से लंबित थी, जिससे प्राधिकरण के राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।
अधिकारियों की उपस्थिति में की गई कार्रवाई
सीलिंग की पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और विधिक मानकों के अनुरूप संपन्न की गई। इस दौरान संपत्ति अधिकारी आनंद प्रकाश तिवारी, सहायक संपत्ति अधिकारी रमेश चंद्र दुबे, पटल सहायक अजय श्रीवास्तव तथा रेंट कलेक्टर रणधीर उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मौके पर पंचनामा तैयार कर दुकानों को विधिवत सील किया, जिससे भविष्य में किसी प्रकार के विवाद की संभावना न रहे।
आवंटियों को दिया गया अंतिम अवसर
वीडीए ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए संबंधित आवंटियों को 15 दिनों का अंतिम अवसर प्रदान किया है। इस अवधि के भीतर यदि समस्त बकाया किराया एवं विक्रय मूल्य जमा कर दिया जाता है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई पर पुनर्विचार किया जा सकता है। हालांकि, यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं किया जाता, तो संबंधित दुकानों का आवंटन निरस्त कर उन्हें ई-ऑक्शन के माध्यम से नीलाम करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। ई-ऑक्शन की यह प्रक्रिया न केवल प्राधिकरण के राजस्व की भरपाई करेगी, बल्कि उन नए उद्यमियों के लिए अवसर भी प्रदान करेगी जो वैध रूप से व्यवसाय स्थापित करना चाहते हैं।
अन्य बकायेदारों पर भी गिरेगी गाज
उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने स्पष्ट कहा कि ऐसे अन्य दुकानदारों के विरुद्ध भी विशेष अभियान चलाया जाए, जिन्होंने लंबे समय से बकाया राशि जमा नहीं की है। प्राधिकरण द्वारा लगभग 8 से 10 अन्य दुकानों को चिन्हित किया गया है, जिन पर इसी सप्ताह सीलिंग की कार्रवाई प्रस्तावित है। इससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि वीडीए अब राजस्व वसूली के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।
ईमानदार आवंटियों के लिए सकारात्मक संदेश
वीडीए की इस कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि यह उन आवंटियों के लिए सकारात्मक संदेश है, जो नियमित रूप से किराया और अन्य देय राशि का भुगतान करते हैं। लंबे समय से यह शिकायत सामने आती रही है कि बकायेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई न होने से ईमानदार आवंटियों के साथ अन्याय होता है। अब प्राधिकरण की सख्ती से व्यवस्था में समानता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। यह केवल राजस्व वसूली का मामला नहीं, बल्कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जवाबदेही का प्रतीक है। वर्षों से सरकारी संपत्तियों पर कब्जा जमाकर किराया न चुकाने की प्रवृत्ति ने न केवल व्यवस्था को कमजोर किया, बल्कि भ्रष्टाचार और लापरवाही को भी बढ़ावा दिया। ऐसे में वीडीए की यह पहल व्यवस्था में अनुशासन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सीलिंग की कार्रवाई से पहले प्राधिकरण ने सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया, जिससे यह कदम न्यायसंगत और पारदर्शी प्रतीत होता है। यदि आगामी दिनों में प्रस्तावित अन्य दुकानों पर भी इसी प्रकार की कार्रवाई होती है, तो यह शहर में वित्तीय अनुशासन और प्रशासनिक जवाबदेही का नया मानक स्थापित कर सकती है।
* वीडीए ने जवाहर लाल नेहरू व्यावसायिक परिसर की कई दुकानों को सील किया।
* तीन आवंटियों पर लाखों रुपये की बकाया धनराशि लंबित।
* 2023 से 2025 के बीच कई नोटिस जारी किए गए।
* 15 दिनों का अंतिम अवसर, भुगतान न होने पर ई-ऑक्शन की तैयारी।
* 8 से 10 अन्य दुकानों पर भी जल्द कार्रवाई प्रस्तावित।
* राजस्व संरक्षण और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम।
* ईमानदार आवंटियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित।




