
- भाजपा के पूर्व विधायक का बेटा है विकास
- दिल्ली भाजपा आर्थिक प्रकोष्ठ का संयोजक बना रखा था
- सामने आईं अमित शाह से लेकर भाजपा के आला नेताओं के साथ तस्वीरें
- लोगों को सट्टा खिलाकर कमाए 1200 करोड़, फिर वही पैसा विकास की कंपनी में लगा
- भाजपा ने अब कन्नी काटी, भूपेश बघेल ने मोदी सरकार से पूछे तीखे सवाल
सौरभ पाण्डेय नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के मशहूर महादेव ऐप घोटाले में कल तक भाजपा जिस कांग्रेस की मिलीभगत का आरोप लगा रही थी, अब वही इस अवैध सट्टा प्रकोष्ठ की संचालक निकली है। मंगलवार को ईडी ने दिल्ली में जिस विकास गर्ग को अरेस्ट किया है, वह और कोई नहीं करीब 1200 करोड़ रुपए के घोटाले का किंगपिन निकला है। महादेव ऐप सट्टा से हर महीने 450 करोड़ रुपए कमाने वाले विकास गर्ग को पकड़वाया भी भाजपा नेताओं ने ही। उन्होंने विकास से उसकी काली कमाई में बराबर का हिस्सा मांगा था। जब वह नहीं मिला तो विकास को ईडी के हाथों अरेस्ट करवा दिया गया।
ईडी अब तक इस मामले में बाकी आरोपियों की 940.77 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर चुकी है। ईडी का कहना है कि अवैध सट्टेबाजी से कमाए गए पैसों को विकास गर्ग की कंपनियों में लगाकर मनी लॉन्ड्रिंग की गई। विकास गर्ग के खिलाफ लंबे समय से जांच चल रही थी और छापेमारी भी काफी पहले हुई थी लेकिन जब्ती और गिरफ्तारी अब हुई है। विकास गर्ग भाजपा दिल्ली के आर्थिक प्रकोष्ठ के चेयरमैन और पूर्व विधायक नंद किशोर गर्ग का बेटा है। विकास गर्ग को 1200 करोड़ से ज्यादा के लेनदेन के मामले में गिरफ्तार किया गया है। रायपुर स्थित धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत ने ईडी को विकास गर्ग की 24 जुलाई तक रिमांड दी है।
ईडी के बयान के मुताबिक, विकास गर्ग, उसके परिवार के लोगों और उसकी कंपनियों से जुड़ी कुल 940.77 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी। जब्त संपत्तियों में कई रिहायशी इमारतें, जमीनें, एक्विटी शेयर और अन्य चीजें शामिल हैं। अब तक इस केस में कुल जब्ती 3800 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है।
सट्टेबाजी सिंडिकेट विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी बेस्ड पैनल नेटवर्क की मदद से चलाया जा रहा था और अवैध सट्टेबाजी के जरिए हर महीने 450 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की जा रही थी। महादेव ऑनलाइन बुक और स्कायएक्सचेंज की अवैध सट्टेबाजी गतिविधियों से कमाए पैसों के बदले उपलब्ध कराई गई आवासीय प्रविष्टियों, शेल संस्थाओं के जाल और अन्य बहुस्तरीय वित्तीय लेन-देन के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग करके इसे वैध धन के रूप में दिखाया गया। अवैध सट्टेबाजी से कमाए गए 940.77 करोड़ रुपये से विकास गर्ग के मालिकाना हक वाली संस्थाओं में लगाया गया। फिर इन पैसों के लिए अलग-अलग संस्थाओं के जरिए और लेयरिंग की गई और इसका इस्तेमाल शेयर और अन्य चीजों में किया गया।

दुबई और कोलकाता से जुड़े तार
विकास गर्ग की कंपनी ने साल 2024 में अनिवार्य स्टॉक मार्केट डिस्क्लोजर के तहत जब अपनी रिपोर्ट सौंपी तो उसने ईडी की जांच की बात मानी। मार्च 2026 में ईडी ने कहा था कि उसने इस केस के सिलसिले में देश में कुल 175 ठिकानों पर छापा मारा, 13 लोगों को गिरफ्तार किया और 74 चार्जशीट दाखिल करके भारत और विदेश में कुल 4336 करोड़ की संपत्ति जब्त की। हालांकि, अपने हालिया बयान में ईडी ने कहा है कि कुल 3800 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है। विकास गर्ग मुख्य रूप से विकास ईकोटेक लिमिटेड, ईबिक्स लिमिटेड और विकास लाइफकेयर लिमिटेड नाम से कंपनियों चलाता है। पहली बार 16 अप्रैल 2025 को ईडी ने विकास लाइफकेयर लिमिटेड के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी में ईडी को ऐसे सबूत मिले, जो इशारा करते हैं कि ऐसी कंपनियों के प्रमोटर्स ने आरोपी के साथ मिलकर अवैध पैसों का इस्तेमाल किया और कंपनी की वैल्युएशन बढ़ाई। हालांकि, ईडी ने किसी भी कंपनी या शख्स का नाम नहीं बताया था। इसी तरह कई अन्य डिस्क्लोजर में भी विकास गर्ग से जुड़ी कंपनियों ने अपने खिलाफ ईडी की जांच का जिक्र किया लेकिन यह भी कहा कि सारे आरोप गलत हैं। 2022 से 2023 के बीच विकास गर्ग की कंपिनयों में ऐसे लोगों और कंपनियों ने निवेश किया जो दुबई और कोलकाता के थे और वे महादेव वेटिंग केस में आरोपी भी हैं। विकास गर्ग की कंपनी में ऐसे लोगों ने पैसे लगाए जो स्पष्ट तौर पर स्कायएक्सचेंज और महादेव केस से जुड़े हुए थे।

दिल्ली भाजपा आर्थिक प्रकोष्ठ का संयोजक
विकास गर्ग के फेसबुक प्रोफाइल में उसे दिल्ली बीजेपी की इकोनॉमिक सेल के संयोजक बताया गया है। सोशल मीडिया पर उनकी ऐसी कई तस्वीरें भी मौजूद हैं जिनमें वह बीजेपी के नेताओं से मिलते, उनको बधाई देते या फिर बैठकों में हिस्सा लेते दिखाई देते हैं। राजधानी कॉलेज से पढ़े विकास गर्ग ने अपने लिंक्डइन प्रोफाइल पर लिखा है कि वह ईबिक्स ग्रुप के चेयरमैन और लगभग 25 साल के अनुभव वाले कारोबारी हैं। ईबिक्स ग्रुप डिजिटल पेमेंट, इंश्योरेंस और फाइनैंशियल सर्विसेज से जुड़े काम करता है।

यह है भाजपा का सट्टा प्रकोष्ठ- बघेल
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भूपेश बघेल ने कहा कि महादेव सट्टा ऐप भाजपा के संरक्षण में संचालित हो रहा था। विकास गर्ग की हर महीने के 450 करोड़ रुपए की कमाई की बात सट्टा प्रकोष्ठ के सिंडिकेट के टॉप बॉस के पास पहुंच गई। बंदरबांट को लेकर विवाद होने के बाद ईडी से कार्रवाई करवाई गई। बघेल ने महादेव सट्टा ऐप को भाजपा का ‘सट्टा प्रकोष्ठ’ बताया। पूर्व सीएम ने यह भी कहा कि महादेव सट्टा ऐप को बंद करने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है, लेकिन उन्हीं के पार्टी के लोग इसमें शामिल हैं, इसलिए ऐप को बंद नहीं किया जा रहा है। भूपेश बघेल ने कहा कि पीएमओ में नवनीत सहगल, हीरेन जोशी बड़े ताकतवर अधिकारी हुआ करते थे, जिनके व्हाट्सऐप मैसेज से हेडलाइन तय होती थी। उनकी भी जांच होनी चाहिए। बघेल ने कहा कि जब हमारी सरकार थी, तब हमने लुक आउट सर्कुलर जारी करने का आग्रह किया था। आज डबल इंजन की सरकार है। ऐसा क्या कारण है कि महादेव सट्टा मामले में भारत सरकार कार्रवाई नहीं कर रही? मामले को कितना भी दबाया जाए, विकास गर्ग जैसे लोग पकड़े गए हैं। बदनाम करने के लिए मुझ पर 508 करोड़ रुपए के घपले का आरोप लगाया गया। छवि खराब कर वे निकल गए, लेकिन जब तार खुलते हैं, तब पता चलता है कि ये उन्हीं के लोग हैं।
ईडी को मिली कस्टडी
रायपुर स्थित धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत ने ईबिक्स (EBIX) के चेयरमैन विकास गर्ग को 24 जुलाई तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मामले की प्रभावी जांच, कथित अपराध से अर्जित धन का पता लगाने, पूरे षड्यंत्र की परतें खोलने तथा अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच के लिए विकास गर्ग से हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। अदालत ने माना कि ईडी ने प्रथम दृष्टया पर्याप्त सामग्री प्रस्तुत की है, जिससे गिरफ्तारी और रिमांड को उचित ठहराया जा सकता है। प्रवर्तन निदेशालय ने विकास गर्ग को 14 जुलाई को नई दिल्ली स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसी दिन उन्हें दिल्ली की तीस हजारी अदालत में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विजय शंकर के समक्ष पेश किया गया। ईडी ने अदालत से 48 घंटे के ट्रांजिट रिमांड की मांग की थी ताकि आरोपी को रायपुर लाकर विशेष पीएमएलए अदालत में प्रस्तुत किया जा सके।
सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल
सोशल मीडिया पर बुधवार 15 जुलाई को विकास गर्ग के फोटो वायरल हो रहे। इन फोटो में वो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लेकर किरण रिजिजू, अनुराग ठाकुर, स्पीकर ओम बिरला, मनोज तिवारी, प्रवेश वर्मा आदि के साथ दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस मीडिया सेल प्रभारी सुप्रिया श्रीनेत, ऑल्ट न्यूज़ के सह संस्थापक और फैक्ट चेकर पत्रकार मोहम्मद ज़ुबैर ने इन फोटोग्राफ को एक्स पर सार्वजनिक किया है। विकास गर्ग का एक और फोटो टीवी जर्नलिस्ट रुबिका लियाकत और अर्नब गोस्वामी के साथ भी सामने आया है।
भाजपा ने पल्ला झाड़ा
बीजेपी ने झाड़ा पल्लाः विकास गर्ग की गिरफ्तारी के बाद BJP ने इस मामले से पूरी तरह दूरी बना ली है। दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने एक बयान जारी कर कहा: “यह कार्रवाई विकास गर्ग के व्यक्तिगत व्यापारिक हितों और व्यावसायिक लेन-देन के कारण हो सकती है। पार्टी का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।”
फर्जी कंपनियों से बनाया माल
जांच में ईडी को पता चला कि अवैध सट्टेबाजी से कमाए गए पैसे को कैश के बदले फर्जी कंपनियों और कई स्तर के वित्तीय लेन-देन के जरिए वैध दिखाया गया। एजेंसी के मुताबिक, अपराध से कमाए गए करीब 940.77 करोड़ रुपए विकास गर्ग के नियंत्रण वाली कंपनियों में पहुंचाए गए। बाद में इस रकम से शेयर, निवेश और अन्य संपत्तियां खरीदी गईं।
भाजपा ने पल्ला झाड़ा



