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33 करोड़ से बदलेगी बेल्थरारोड बस स्टेशन की तकदीर, परिवहन मंत्री दयाशंकर बदलेंगे परिवहन निगम की तस्वीर

दयाशंकर सिंह ने लिया संकल्प,आधुनिक सुविधाओं से होगा कायाकल्प

  • परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के औचक निरीक्षण में सामने आई जलभराव की समस्या
  • पीपीपी मॉडल पर जल्द शुरू होगा पुनर्विकास

बलिया। बेल्थरारोड के यात्रियों के लिए लंबे समय से चली आ रही परिवहन संबंधी समस्याओं के समाधान की उम्मीद अब मजबूत हो गई है। प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने शनिवार की शाम जननायक चन्द्रशेखर बस स्टेशन, बेल्थरारोड का औचक निरीक्षण कर जहां मौजूदा व्यवस्थाओं का जायजा लिया, वहीं बस स्टेशन के व्यापक कायाकल्प की प्रक्रिया को जल्द गति देने का संकेत भी दिया। करीब 33 करोड़ रुपये की लागत से बस स्टेशन का पुनर्विकास पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत किया जाएगा। निर्माण प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही कार्य शुरू होने की संभावना है। मंत्री के अचानक बस स्टेशन पहुंचने से परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल मच गई। उन्होंने परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया और यात्रियों को मिल रही सुविधाओं की वास्तविक स्थिति जानी। बरसात के दौरान बस स्टेशन में होने वाले जलभराव को देखकर उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि आखिर हर वर्ष यात्रियों, बस चालकों और परिचालकों को होने वाली परेशानी का स्थायी समाधान अब तक क्यों नहीं किया जा सका। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जलनिकासी की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए और यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। औचक निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल अस्थायी व्यवस्थाओं से बस स्टेशन की पुरानी समस्याओं का समाधान संभव नहीं है। इसी वजह से प्रस्तावित पुनर्विकास को बेल्थरारोड की परिवहन व्यवस्था में बड़े बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

औचक निरीक्षण से मची हलचल

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह अचानक जननायक चन्द्रशेखर बस स्टेशन पहुंचे। मंत्री के औचक निरीक्षण की सूचना मिलते ही परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल तेज हो गई। मंत्री ने बिना किसी औपचारिकता के सीधे बस स्टेशन परिसर का निरीक्षण शुरू किया और यात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की स्थिति देखी। उन्होंने परिसर में मौजूद यात्रियों से भी व्यवस्थाओं की जानकारी ली और बरसात के दौरान आने वाली परेशानियों को समझा। निरीक्षण का उद्देश्य केवल कागजी रिपोर्ट देखना नहीं, बल्कि जमीन पर व्यवस्था की वास्तविक स्थिति जानना था।

जलभराव पर पूछा स्थायी समाधान क्यों नहीं

निरीक्षण के दौरान बस स्टेशन परिसर में जलभराव की गंभीर समस्या सामने आई। इसे देखकर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से सवाल किया कि हर साल बारिश के मौसम में यात्रियों, बस चालकों और परिचालकों को परेशानी होती है, फिर भी इसका स्थायी समाधान अब तक क्यों नहीं हो पाया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए। उन्होंने साफ किया कि यात्रियों को ऐसी समस्या का सामना नहीं करना चाहिए, जिसे समय रहते दूर किया जा सकता है। जलभराव की समस्या को लेकर मंत्री की सख्ती ने यह संकेत भी दिया कि आने वाले समय में बस स्टेशन की व्यवस्थाओं को केवल कागजी स्तर पर नहीं, बल्कि धरातल पर बेहतर करने पर जोर रहेगा।

33 करोड़ से बदलेगा पूरा स्वरूप

डिपो प्रभारी ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि परिवहन मंत्री ने बस स्टेशन की मौजूदा स्थिति का गंभीरता से आकलन किया। उन्होंने जानकारी दी कि जननायक चन्द्रशेखर बस स्टेशन का अब जल्द कायाकल्प होने जा रहा है।बस स्टेशन के पुनर्विकास के लिए करीब 33 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। निर्माण कार्य से संबंधित प्रक्रिया अंतिम चरण में है और शीघ्र ही काम शुरू होने की संभावना है।इस परियोजना के पूरा होने के बाद बेल्थरारोड का बस स्टेशन वर्तमान स्वरूप से पूरी तरह अलग और आधुनिक यात्री सुविधाओं से युक्त दिखाई देगा।

पीपीपी मॉडल से होगा पुनर्विकास

बस स्टेशन के कायाकल्प की योजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे परियोजना के निर्माण और विकास में आधुनिक तकनीक तथा बेहतर प्रबंधन व्यवस्था का इस्तेमाल होने की उम्मीद है। पीपीपी मॉडल के तहत विकसित होने वाला यह बस स्टेशन क्षेत्र की बढ़ती परिवहन जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य यात्रियों को सुविधाजनक और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना है। निर्माण प्रक्रिया अंतिम चरण में होने के कारण जल्द ही परियोजना के धरातल पर उतरने की उम्मीद है।
पार्किंग से लेकर पेयजल तक सुविधाओं का विस्तार
आधुनिक बस स्टेशन में पार्किंग की बेहतर व्यवस्था भी प्रस्तावित है। बस स्टेशन के व्यवस्थित विकास से वाहनों के खड़े होने और यात्रियों के आवागमन की समस्या कम होने की संभावना है। इसके साथ ही यात्रियों के लिए स्वच्छ पेयजल और बेहतर शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। लंबे सफर पर निकलने वाले यात्रियों के लिए ये सुविधाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं। बस स्टेशन का विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित न रहकर यात्री सुविधाओं को केंद्र में रखकर किया जाएगा, जिससे यात्रियों को एक बेहतर और सुविधाजनक परिवहन केंद्र उपलब्ध हो सके।

जलनिकासी को मिलेगी प्राथमिकता

बरसात के दौरान बस स्टेशन में होने वाला जलभराव लंबे समय से यात्रियों और परिवहन कर्मचारियों के लिए परेशानी का कारण रहा है। औचक निरीक्षण में मंत्री ने इस समस्या को गंभीरता से लिया और तत्काल जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।प्रस्तावित कायाकल्प में जलनिकासी की व्यवस्था को भी महत्व मिलने की उम्मीद है। यदि जलनिकासी व्यवस्था प्रभावी तरीके से विकसित होती है तो बरसात में यात्रियों और बस संचालन से जुड़ी परेशानियों में काफी कमी आ सकती है। इससे बस स्टेशन की स्वच्छता और संचालन व्यवस्था भी बेहतर होगी।

बेल्थरारोड को मिलेगी परिवहन की नई पहचान

जननायक चन्द्रशेखर बस स्टेशन के करीब 33 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले पुनर्विकास को बेल्थरारोड के लिए बड़ी विकास परियोजना के रूप में देखा जा रहा है। आधुनिक सुविधाओं से लैस बस स्टेशन बनने के बाद क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। बस स्टेशन केवल यात्रियों के आने-जाने का स्थान नहीं होता, बल्कि किसी भी शहर और कस्बे की परिवहन व्यवस्था का प्रमुख केंद्र होता है। ऐसे में इसका आधुनिक स्वरूप बेल्थरारोड की समग्र छवि को भी बेहतर कर सकता है। वर्षों से चली आ रही बुनियादी समस्याओं के समाधान की उम्मीद के बीच अब निगाहें निर्माण प्रक्रिया शुरू होने और परियोजना को निर्धारित स्वरूप में धरातल पर उतारने पर टिकी है।

• बेल्थरारोड बस स्टेशन के पुनर्विकास पर करीब 33 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
• परियोजना पीपीपी मॉडल के तहत विकसित की जाएगी।
• निर्माण प्रक्रिया अंतिम चरण में, जल्द शुरू हो सकता है काम।
• परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने किया औचक निरीक्षण।
• बरसात में जलभराव की समस्या पर मंत्री ने जताई नाराजगी।
• जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश।
• आधुनिक प्रतीक्षालय और सुव्यवस्थित प्लेटफॉर्म होंगे विकसित।
• पार्किंग, पेयजल और शौचालय की बेहतर सुविधा मिलेगी।
• यात्रियों, चालक और परिचालकों को मिलेगी राहत।
• बेल्थरारोड की परिवहन व्यवस्था को मिलेगी नई पहचान।

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